बर्थ नंबर 73
आप हो सकता है ट्रेन के सफ़र में सिर्फ एसी क्लास में घुमे हो . ये भी हो सकता है कि आप एसी क्लास में सफ़र किये ही ना हो .आपका अपना अनुभव हो सकता है . मेरा ट्रेनों में सफ़र करने का अपना एक अलग ही अनुभव है। मेरा अनुभव भारतीय रेल के टॉप से बॉटम सभी क्लास में सफ़र करने का अलग अलग रहा है।और सबसे मजेदार अनुभव बर्थ नंबर 73 पर यात्रा का रहा है। जैसे साम्यवादियों का नारा होता है कि "जो जमीन सरकारी है वो जमीन हमारी है" उसी प्रकार आप समझ सकते है कि रेल में यात्रा करने वाले मिडल क्लास यात्रियों के लिए 73 नंबर का बर्थ है।जैसे WT का मतलब हर रेल यात्री समझता है उसी प्रकार 73 नंबर बर्थ भी प्रचलित है।यह वास्तव में बर्थ नहीं होता है। बर्थ के बिच के वाकिंग स्पेस में कुछ बिछाकर सो और लेट कर यात्रा है।सहयात्री जो रेल की भाषा में BONAFIDE पैसेजर है उसके रहमो करम पर ही यात्रा संभव होता है।उस तथाकथित बर्थ पर हर कोई मज़बूरी में यात्रा करता है।उस समय वास्तविक बर्थ पर यात्रा कर रहा हर आदमी बहुत ही भाग्यशाली नजर है।और सबसे बड़ा दुश्मन चाय पानी बेचने वाला वेंडर नजर आता है।
खैर, जो भी हो , 73 नंबर बर्थ पर यात्रा करने का अलग ही एक मजा है।क्यूंकि यह बर्थ उम्मीद ही अंतिम किरण होता है।~~~~~~~और अंतिम विकल्प सबसे घनिष्ठ विकल्प होता है।